आलू में यूरिया कब डालें? | When to apply urea to potatoes?

आलू में यूरिया कब डालें?

 किसान भाइयों आजम बात करेंगे आलू की फसल में यूरिया के प्रयोग की। यानी कि कुल मिलाकर आलू की फसल में कब और कितनी बार हमें यूरिया देना चाहिए, यूरिया डालने का आखिरी समय क्या है और यूरिया के हमारी फसल को क्या फायदे होते हैं,

आलू में यूरिया कब डालें?


 आलू में यूरिया के प्रयोग के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी किशन भाइयों बात करते हैं आलू में यूरिया के प्रयोग की तो किसान भाइयों सबसे पहले यूरिया के बारे में जानना आवश्यक हो जाता है, क्योंकि यूरिया एक ऐसा खाद है जिसका प्रयोग लगभग सभी फसलों में किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से प्रतिशत नाइट्रोजन मौजूद होती है। बात करें आलू की फसल में यूरिया के प्रयोग के बारे में तो आलू की अच्छी तरह से बढ़वार और शुरुआती अवस्था में अच्छी तरह से ग्रोथ के लिए फसल में नाइट्रोजन तत्व की आवश्यकता होती है। ऐसे में हमें यूरिया का प्रयोग करना काफी जरूरत होता है। किसान भाइयों इसमें केवल नाइट्रोजन होती है। इसका फसलों में प्रयोग करने से फसल को अच्छी तरह से बढ़वार मिलती है और फसल अच्छी तरह से ग्रोथ करती है। किसान भाइयों आलू की फसल में यूरिया लगभग हमें तीन बार प्रयोग में लाना चाहिए।

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 पहला यूरिया आपको दिन की अवस्था में उपयोग में रहना चाहिए और दूसरा यूरिया आपको दिन की अवस्था में उपयोग में रहना चाहिए, क्योंकि किसान भाइयों की अवस्था फसल की शुरुआती अवस्था होती है और इस अवस्था में फसल को अच्छी तरह से बढ़वार और अच्छी तरह से ग्रोथ के लिए यूरिया की आवश्यकता होती है। तो इस समय अगर आप यूरिया का प्रयोग करते हैं तो आपकी फसल की बढ़वार अच्छी तरह से होती है और आपको पूरा फायदा अपनी फसल से मिलता है।  कुल मिलाकर यूरिया के आखिरी प्रयोग की तो आपको अपनी फसल में लगभग आलू बनने तक यूरिया का प्रयोग करना है। यानी कि जब आपकी फसल में आलू बनना शुरू हो जाए, उसके बाद आपको यूरिया का प्रयोग नहीं करना है। यूरिया के स्थान पर आप किसी भी स्प्रे के रूप में एनपीए के खातों का प्रयोग कर सकते हैं, जिससे आपकी फसल को नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश तीनों के बाद आपको अपनी वसल में यूं नहीं देना है।

 आप पहले यूरिया डालें, जिससे आपकी फसल की शुरुआती अवस्था में बढ़वार हो और अच्छी तरह से उसको नाइट्रोजन की पूर्ति हो सके।  भाइयों लगभग दो से तीन बार अपने आलू की फसल में शुरुआती स्टेज पर यूरिया का प्रयोग करते हैं तो काफी अच्छा रिज़ल्ट आपको मिलता है। क्योंकि यूरिया एक हिस्सा खाद्य माना जाता है जो कि फसल की सिंचाई से पहले इसका उपयोग करना काफी फायदेमंद होता है। तो इसमें आपको दो से तीन बार आप आलू की फसल में इसका प्रयोग कर सकते हैं और 50 दिन के बाद आप यूरिया का प्रयोग ना करें क्योंकि उसके बाद फसल को यूरिया की आवश्यकता नहीं होती है। 

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