धान में पोटाश कब डालना चाहिए | When should potash be added to paddy?

 धान में पोटाश कब डालना चाहिए

धान में पोटाश कब डालना चाहिए


 धान की फसल में पोटाश डालने का सही समय क्या होता है? क्योंकि पोटाश तत्व का महत्त्व बहुत ज्यादा होता है। मतलब कि पोटाश की इंपोर्टेंस हमारी फसलों में बहुत ज्यादा होती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश ये तीनों मेजर पोषतत्व होते हैं। किसी भी पौधे की ग्रोथ एंड डेवलपमेंट के लिए और जिन किसान वीरों ने धान रोपाई के समय एन पी के डाली होती है तो दोबारा पोटाश देने की इतनी ज्यादा जरूरत नहीं होती है, क्योंकि एन पी के 123216 में जो इसका 50 किलो का बैग होता है, इसमें हमारी फसल को आठ किलोग्राम पोटाश मिल जाती है। और जिन किसान  धान रोपाई के समय डी ए पी या फिर सिंगल सुपर फॉस्फेट खाद डाली होती है तो फिर हमें क्या करना है की जो आखिरी यूरिया होती है, उसमें हमें 50 जरूर डालना है, क्योंकि पोटाश के इतने ज्यादा बेनिफिट होते हैं कि हमारी फसलों में जो कीट लगते हैं, रोग लगते हैं, इसके लगने के चांस बहुत ज्यादा कम हो जाते हैं और अगर अभी तक जिन किसान विरोध में पोटाश को यूरिया खाद में नहीं डालना है तो भाई आपको पोटाश की स्प्रे करवा देनी है। 

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पोटाश एक जबरदस्त माइक्रो न्यूट्रिएंट है। सो इसी के बारे में आज हम थोड़ा डीटेल में बात करेंगे कि धान की फसल में पोटाश कब डालें। तो इस समय धान की फसल लगभग 45 या 55 दिन के आसपास की हो गई है। तो इस समय जो लिक्विड फ़ॉर्मूलेशन में पोटाश आता है तो इसका करवा देना है और जैसे कि हमारे पास इस समय लिक्विड फ़ॉर्मूलेशन में यह है पोटली के और ये इंजन ऑर्गॅनिक का है और यह बहुत ही प्रीमियम सप्लीमेंट होता है। हमारे धान की फसल के लिए तो आप किसी भी अच्छी कंपनी का लिक्विड फ़ॉर्मूलेशन में  पोटाश ले सकते हो और बात करें इसके डोस की तो इसके डोस में लेनी है। 250 एम एल प्रति एकड़ क्योंकि जो पोटाश होता है, इसका सबसे पहला काम यही होता है कि फसलों में जो कीड़ लगते हैं, रोग लगते हैं तो इनके लगने के चांस बहुत ज्यादा कम हो जाते हैं। और इस समय अगर हम पोटाश की स्प्रे करवातें हैं तो पोटाश ये दाना बनने में काफी ज्यादा मदद करता हैं, दाना मोटा बनता हैं, दाना चमकदार बनता हैं और जो खाली दाने बनते हैं वो बहुत कम बनते हैं। इसके पीछे का लॉजिक ये होता हैं की पोटाश ये इस समय पौधों में प्रोटीन, स्टार्च, शुगर, फ्रूट क्वालिटी, अक्टिवेट, स्ट्रांग रूट, मेंटेनिक, सॉइल बैलेंस मतलब इतना सब कुछ ये पोटाश के कारण ही होता हैं। इसीलिए हमें धान की फसल में इस समय पटाक्ष का स्प्रे करना बहुत जरूरी होता हैं। और इसके अलावा भी पोटाश ये फसल को मजबूत बनाता है। मतलब की जिन फसल की हट लंबी हो जाती है तो उन फसलों को गिरने से भी रोकता है। सो पोटाश माइक्रो न्यूटरड हमें अपनी फसलों में जरूर देना चाहिए 

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