चने में फूल आने की दवा | medicine for flowering of gram

 चने में फूल आने की दवा

 चने में फल फूल व शाखाएं बढ़ाने का नंबर वन टोनिक चने की खेती से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी। पिछले 23 दिनों से बहुत सारे किसान भाइयों की क्यूरीज आई थी कि सर चने की फसल ऊपर की तरफ ज्यादा बढ़वार ले रही है अभी तक फल फूल बिल्कुल भी नहीं है तो मैं यहाँ पर आपको बताना चाहूंगा 2 ऐसे टॉनिकों के बारे में यदि आप जिनका प्रयोग करते है

चने में फूल आने की दवा


 तो चने की ऊपर की तरफ बढ़ा रहे हैं उसको वो रोकेगा नेचुरल तरीके से और साइडों में ब्रांचिंग और साथ में फ्रूटिंग को प्रेरित करेगा यानि फल फूल आने लग जाएंगे। तो जिसमे सबसे पहला अपना जो टॉनिक है बास कंपनी का है लिहोसीन जिसका टेक्निकल होता है क्लोरोमिकवार्ड क्लोराइट जिसका काम होता है चने के अन्दर शाखाओं को प्रेरित करना और फल व फूल को बढ़ाना। अब बात करते हैं इसके डोलकितनेकाममेंलें तो पचीस एम एल प्रति जो 16 लीटर वाली टंकी आती है जिसको किसान भाई ढोल की बोलते है तो 1 टंकी में 25 एमएल यानि 16 लीटर पानी में 25 एमएल दवा का उपयोग करना है। दवा का नाम 1 बार फिर से बता देता हूँ बस कंपनी का लि होसीन। इसके अलावा दूसरा जो अपना प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर है उसका नाम है घरडा कंपनी का चमत्कार। जी हां दोस्तों नाम तो आपने काफी सुना होगा जिसका टेक्निकल होता है मै पिक वार्ड को राइट। यदि इसका काम की बात करें तो चने की ऊपरी ग्रोथ को नैचुरल ढंग से रोकना, फ्रूटिंग व फ्लोरिंग को बढ़ाना साथ वे ब्रांचिंग को बढ़ावा देना जिससे अधिक से अधिक उत्पादन बढ़ सके। डोज की बात करे तो इसको भी लिहोसिनकी तरह ही 25 मल प्रति टंकी के हिसाब से आपको प्रयोग करना है। 

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बहुत ही शानदार रिजल्ट आपको देखने को मिलेंगे। चने में लगातार हो रही ऊपरी ग्रोथ को रोक करके साइडों में ब्रांचिंग को बढ़ावा मिलेगा। फ्रूटिंग और फ्लोरिंग अधिक से अधिक होगी जिससे चने की अधिकतम पैदावार ली जा सकेगी। 

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