कोराजन कब डालना चाहिए? | koraajan kab daalana chaahie?

 कोराजन कब डालना चाहिए?

कोराजन छिड़काव की विधि वांछित परिणाम पाने के लिए कोराजन के सही मात्रा में सही समय पर सही तरीके से प्रयोग अत्यंत आवश्यक है। आइए जानें करने के खेत में कोहरा जैन के प्रयोग का सही तरीका।

कोराजन कब डालना चाहिए?


कोराजन का प्रयोग करते समय सुरक्षा के लिए हाथो में दस्ताने, मास्क, चश्मा और टोपी जरूर पहने। एक एकड़ खेत में कोहरा जेन के प्रयोग के लिए एक बाल्टी ले और उसमें 27 मग पानी भरे पानी साफ होना चाहिए। अब कोरा जेन के 150 मिलीलीटर का पैक खोले और उसे मग में सावधानी से डाल दे।

अब 150 मिलीलीटर कोराजन को उस बाल्टी में डाले जिसमे 27 मग पानी है उसके साथ मिला दे। इसे अच्छे से घोल ले ताकि मग से पूरी दवा पानी में मिल जाए।

एक डंडी से इसे चला ली। अब अपने स्प्रेड टैंक को आधा पानी से भरे। अब आधा भरने के बाद एक मग कोराजन का मिश्रण बाल्टी से निकालकर स्प्रेड टैंक में डाली और अच्छे से मिलाएं। अब टैंक को साफ पानी से पूरा भर दें। टैंक को अच्छे से बंद कर दें, तसल्ली करें कि कहीं से लेके ना हो। स्टे का नोजल निकाल लेंगे जिससे एक मोटी धार बाहर आ सके।

हमारे पास 27 टैंक का घोल तैयार है, जो की एक एकड़ खेत के लिए उपयुक्त है। एक बार पैदल चलकर सभी गिन ले, जिससे आपको ये अंदाज़ हो जाए की एक टैंक से कितनी में दवा डालनी है। आइए जाने की गन्ने की पौध फसल में कोराजन का इस्तेमाल का तरीका बहुत फसल में कोराजन का दो अवस्थाओं में प्रयोग किया जा सकता है।

पहली अवस्था बुवाई के समय बुआई के समय हल रेखा के अंदर गन्ना बिजने के साथ ही कोराचंद का इस्तेमाल करें। दिखाई गई विधि ध्यान से देखें और पालन करें। गोरखन इस्तेमाल के 24 घंटों में सिंचाई अनिवार्य है।

दूसरी अवस्था 20-45 दिन में पौधा अंकुरण के बाद और पहले सिंचाई से पहले बताई गई मात्रा में कोरा जन का घोल बनाकर ट्रेंचिंग इस प्रकार से करें की घोल तने से बहकर जड़ों तक पहुंचे। ध्यान रखें इस्तेमाल के बाद 24 घंटों के अंदर सिंचाई अनिवार्य है।

कोराजन कब डालना चाहिए?


आइए आप जानिए पैडी की फसल में कोराजन का इस्तेमाल का तरीका।

फसल की कटाई के बाद दूसरी या तीसरी सिंचाई से पहले कोरा जिनका प्रयोग तब करें जब पैडी की उचाई चार से छह इंच हो। अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयोग से पहले बची हुई पत्तियाँ मल्च साफ कर दें ताकि कोरत जन जड़ के माध्यम से पौधे के सभी हिस्सों में पहुंचे। पैडी की फसल में पत्तों पर छिड़काव के साथ।

और मिट्टी के नजदीक जड़ दोनों पर पहुंचे। ध्यान रखिए इस्तेमाल के बाद 24 घंटों के अंदर सिंचाई अनिवार्य है। सही समय, सही मात्रा और सही तरीका यही आपको दिलवाएंगे। 

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FAQ:-

कोराजन में कौन सा साल्ट होता है?

क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18% Sc.

कोराजन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

इसकी उपयोग की मात्रा (Dose) 60 मिली प्रति एकड़ के हिसाब से होती है

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